शुक्रवार, जुलाई 13, 2012

उसी की याद ......


23 टिप्‍पणियां:

  1. यादें पीछा कहाँ छोड़ती हैं....
    मौसम के बहाने दस्तक देने लगती हैं...
    बहुत सुन्दर ...

    अनु

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  2. सुंदर शब्दों का चयन ,
    जिनका प्यार पाने में हमको ज़माने लगे
    बह अब नजरें मिलके मुस्कराने लगें
    राज दिल का कभी जो छिपाते थे हमसे
    बातें दिल की हमें बह बताने लगें
    http://madan-saxena.blogspot.in/
    http://mmsaxena.blogspot.in/
    http://madanmohansaxena.blogspot.in/

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  3. भावमय करते शब्‍द ... अनुपम प्रस्‍तुति।

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  4. कम शब्दों में बहुत कुछ कहना आपकी यह शैली बहुत पसंद आई !
    बहुत सारी रचनाएँ पढ़कर जा रही हूँ .......चित्र कितने सुंदर लगाये है,
    बहुत सुंदर ......आभार !

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  5. मन हो प्रमुदित मन हो निर्मल सौभाग्य चला आता है .
    बैशाख जेठ के मास में भी यूँ मन हरियाते जाता है ..

    मैं सदैव आपके पोस्ट पर कुछ भी लिखने में कठिनाई महसूस करता हूँ , क्योकि बाते सहज दिखती हैं होती नहीं

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  6. बहुत सुन्दर मनभावन रचना .सारल्य लिए रागात्मक सम्प्रेषण .

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  7. सुंदर बिंब, बहुत सटीक तुलना, शुभकामनाएं.

    रामराम

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  8. बारिश में ही सदा, हरियाती है घास
    सावन में बढे,पिया मिलन की आस,,,,,

    बहुत सुंदर प्रस्तुति,,,,

    RECENT POST...: राजनीति,तेरे रूप अनेक,...

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  9. वाह बहुत खूब !
    याद आए किसी की प्रीत
    दिल गाये सावन गीत ...
    सुंदर रचना ....!!
    साभार !!

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  10. लाजवाब प्रस्तुति। मेरे नए पोस्ट "अतीत से वर्तमान तक का सफर पर" आपका इंतजार रहेगा। धन्यवाद।

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  11. बहुत खूब ... बदलते रंगों में याद आना स्वाभाविक है ..

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