गुरुवार, जून 21, 2012

तुम जो आओ .....


22 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. मेरे मुक्तक को आत्मीयता प्रदान करने के लिये आभार....

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  2. उत्तर
    1. यह जानकर प्रसन्नता हुई कि मेरा मुक्तक आपको पसन्द आया....बहुत-बहुत आभार......

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  3. उत्तर
    1. मेरे मुक्तक को आत्मीयता प्रदान करने के लिये आभार....इसी तरह सम्वाद बनाए रखें....

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  4. बहुत सुन्दर गुहार है..
    बहुत प्यारी रचना...
    :-)

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    1. आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभार....

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  5. मनभावन निवेदन,,,,,
    सुंदर प्रस्तुति,,,,,,

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    1. यह जानकर प्रसन्नता हुई कि मेरा मुक्तक आपको पसन्द आया....बहुत-बहुत आभार......

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  6. उत्तर
    1. मेरे मुक्तक को आत्मीयता प्रदान करने के लिये आभार....

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  7. शिशिर में शशि को सरूप पाओ है सविताऊ
    घामहूँ में दामिनी की दुति दमकती हैं ..

    डॉ साहिबा आजकल कमेन्ट स्पेम में जाता लग रहा है .
    कृपया ध्यान देने का कष्ट करें ,
    कभी कभी भ्रम में यह हो जाता है .खुबसूरत लाइन

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    1. यह जानकर प्रसन्नता हुई कि मेरा मुक्तक आपको पसन्द आया....बहुत-बहुत आभार......

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  8. उत्तर
    1. मेरे मुक्तक को आत्मीयता प्रदान करने के लिये आभार....

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  9. उत्तर
    1. मेरे मुक्तक को आत्मीयता प्रदान करने के लिये आभार....इसी तरह सम्वाद बनाए रखें....

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  10. उत्तर
    1. आत्मीय टिप्पणी के लिए अत्यंत आभार....

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  11. उत्तर
    1. मेरे मुक्तक को आत्मीयता प्रदान करने के लिये आभार....

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