मंगलवार, मई 08, 2012

अनुभूति पर......मेरी काव्य रचनाएं















मेरी कुछ काव्य रचनाएं कृपया यहां भी पढ़िए -



http://www.anubhuti-hindi.org/anjuman/s/sharad_singh/index.htm

http://www.anubhuti-hindi.org/1purane_ank/2012/02_13_12.html

9 टिप्‍पणियां:

  1. शरद जी,...आपके दोनों लिंकों पर गया पढकर अच्छा लगा,..आभार

    RECENT POST....काव्यान्जलि ...: कभी कभी.....

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  3. जल्दी
    उगते जल्दी ढलते
    दिन के जैसा साथ हमारा
    मन को अब तक साल रहा है
    इक अनुभव कुछ खारा-खारा
    अपने दुखड़ा बाँच रही हैं
    मेरी आँखें
    गीली गीली
    BEAUTIFUL AND SO SO NICE AS PREDICTED, I LOVE IT .

    उत्तर देंहटाएं